समस्तीपुर : बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के राज्य कार्यकारिणी के निर्णय के आलोक में शनिवार को जिले के लगभग सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों ने बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव, बिहार सरकार के नाम मांग पत्र संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपा गया। समस्तीपुर पीएचसी परिसर में संघ के प्रखंड एवं जिला मंत्री के नेतृत्व में प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च प्रखंड के विभिन्न कार्यालयों का भ्रमण करते हुए वापस पीएचसी परिसर पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।
सभा को संबोधित करते हुए जिला मंत्री ने कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति का आदेश स्वास्थ्य कर्मियों के लिए व्यावहारिक नहीं है। खासकर महिला स्वास्थ्य कर्मियों को इससे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों को पंचायत सरकार भवन में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्र से करीब दो से छह किलोमीटर तक जाना पड़ेगा। इसके बाद उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी और शाम में फिर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पंचायत सरकार भवन जाना होगा। यह व्यवस्था पूरी तरह अव्यावहारिक है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयास से बिहार कई स्वास्थ्य सूचकांकों में राष्ट्रीय औसत के बराबर पहुंचा है। ऐसे में बायोमेट्रिक उपस्थिति के आदेश को वापस लिया जाना चाहिए। जिले के पूसा में अनिता कुमारी व विमलेश चौधरी, कोठियां ताजपुर में रूबी कुमारी, सरायरंजन में सुधा कुमारी व शैलेंद्र कुमार, पटोरी में प्रतिभा कुमारी, उजियारपुर में अभिनव कुमार व सरिता कुमारी, दलसिंहसराय में संगीता कुमारी व रघुवीर कुमार, विद्यापतिनगर में रितिक भारती व कुमार उत्कर्ष, विभूतिपुर में पुष्पा कुमारी व रंजू कुमारी, हसनपुर-बिथान में अंबुज कुमार, सिंघिया में अखिलेश कुमारी व नरेंद्र कुमार सिंह, वारिसनगर में सुधा कुमारी, दीपिका कुमारी, संयुक्ता कुमारी व लक्ष्मी कुमारी, कल्याणपुर में सरिता कुमारी व रेखा कुमारी, मोहनपुर में रघुवंश यादव व विभा कुमारी तथा मोरवा में अनिता कुमारी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया।
समस्तीपुर में रंजना कुमारी व कृष्ण कुमारी के नेतृत्व में कार्यक्रम हुआ। वहीं, भूमि सुधार कर्मचारी संघ के जिला मंत्री महेंद्र पंडित ने बताया कि 10 अगस्त को जिले के सभी कर्मचारी बायोमेट्रिक उपस्थिति के विरोध सहित ठेका-संविदा, आउटसोर्सिंग, एनपीएस, यूपीएस के विरोध और आठवें वेतन आयोग को समय पर लागू करने समेत 31 सूत्री मांगों के समर्थन में जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपेंगे।
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