समस्तीपुर : बिहार में डेंगू का प्रकोप जारी रहने के बावजूद समस्तीपुर सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए समुचित व्यवस्था अब तक धरातल पर नजर नहीं आ रही है। अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड तैयार करने के बजाय एमसीएच भवन की चौथी मंजिल स्थित पीएनसी वार्ड के बाहर एक पोस्टर चिपकाकर उसे डेंगू वार्ड का नाम दे दिया गया है। गुरुवार को Samastipur update द्वारा डेंगू वार्ड की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से देर रात पीएनसी वार्ड के बाहर आनन-फानन में पोस्टर चिपकाया गया। लेकिन शुक्रवार को वार्ड में मरीजों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाओं का अभाव दिखा। बेड पर अस्पताल की ओर से बेडशीट तक उपलब्ध नहीं थी। मच्छरदानी की व्यवस्था भी नजर नहीं आई। डेंगू के मरीजों के लिए मच्छर से बचाव सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में शामिल है, ऐसे में वार्ड में मच्छरदानी नहीं होना अस्पताल की तैयारी पर सवाल खड़ा करता है।

शुक्रवार को Samastipur update द्वारा कथित डेंगू वार्ड के स्थिति की पड़ताल के दौरान वहां पीएनसी वार्ड की एक महिला मरीज भर्ती मिली। उसके बेड पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से बेडशीट तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी। महिला अपने घर से लाई गई बेडशीट बिछाकर बेड पर लेटी थी। वहीं, उसके बगल वाले बेड पर मरीज के परिजन लेटे हुए थे। इस स्थिति को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि डेंगू मरीजों के लिए अस्पताल में किस स्तर की तैयारी की गई है।

यदि डेंगू का कोई मरीज अस्पताल पहुंचता है तो उसके लिए अलग और सुरक्षित वातावरण, मच्छरदानी, साफ बेडशीट समेत अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए। लेकिन यहां डेंगू वार्ड के नाम पर महज कुछ बेड और एक पोस्टर ही दिखाई दे रहा था। इससे अस्पताल प्रबंधन की पूर्व तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू को लेकर लगातार सतर्कता बरतने की बात कही जा रही है। ऐसे में सदर अस्पताल जैसे जिले के प्रमुख सरकारी अस्पताल में पहले से आवश्यक व्यवस्था तैयार रहनी चाहिए थी।

सदर अस्पताल में डेंगू जांच किट खत्म : 

सदर अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए किट भी उपलब्ध नहीं है। शुक्रवार को कई मरीज डेंगू की जांच कराने सदर अस्पताल पहुंचे, लेकिन जांच किट खत्म होने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ा। सरकारी अस्पताल में जांच की सुविधा नहीं मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा समस्तीपुर के पड़ोसी जिले मुजफ्फरपुर और वैशाली डेंगू के हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित हैं। ऐसे में सीमावर्ती जिले होने के कारण समस्तीपुर में भी डेंगू के मरीज पहुंचने की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद अस्पताल में पहले से तैयारी नहीं की गई है।

डेंगू के मरीजों के लिए अलग वार्ड, मच्छरदानी, बेडशीट और पर्याप्त जांच किट जैसी मूलभूत सुविधाएं तैयार रखने की जरूरत है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि फिलहाल जिले में डेंगू का कोई मरीज चिन्हित नहीं हुआ है। हालांकि पड़ोसी जिलों में डेंगू के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। यदि कहीं कोई कमी है तो उसे दूर किया जा रहा है। डेंगू से निपटने के लिए अस्पताल में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है।

बयान :

फिलहाल जिले में डेंगू का कोई मरीज चिन्हित नहीं हुआ है। डेंगू को लेकर अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया गया है। जहां भी कमी है, उसे जल्द दुरुस्त कराया जा रहा है। जांच किट जल्द उपलब्ध कराने को लेकर विभाग को लिखा गया है।

डॉ. राजीव कुमार, सिविल सर्जन, समस्तीपुर

 

By Manish