सिलाई केंद्र में झंडा की सिलाई करती जीविका दीदी

– हर घर तिरंगा अभियान को मिली नई रफ्तार

– 1600 से अधिक महिलाएं सिलाई केंद्रों और घरों में कर रहीं झंडों का निर्माण

समस्तीपुर : स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर समस्तीपुर जिले में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने जोर पकड़ लिया है। इस राष्ट्रीय अभियान ने जहां एक ओर लोगों में देशप्रेम की भावना को मजबूत किया है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं के लिए यह वरदान साबित हो रहा है। जिले की जीविका दीदियां इन दिनों बड़े पैमाने पर तिरंगे झंडों के निर्माण में जुटी हैं, जिससे उनकी आय और रोजगार के द्वार खुल गए हैं।

 

सरकारी विभागों और संस्थानों से मिले बड़े आर्डर

विभिन्न सरकारी विभागों, औद्योगिक संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और आम नागरिकों की ओर से जीविका दीदियों को 80 हजार से अधिक तिरंगे झंडों के आर्डर प्राप्त हुए हैं। इन झंडों की गुणवत्ता और सुलभता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक झंडे की कीमत 25 रुपये तय की गई है।

1600 से अधिक महिलाएं दिन-रात जुटी प्रक्रिया में

भारी मांग को समय पर पूरा करने के लिए जिले के सभी प्रखंडों में संचालित सिलाई केंद्रों और घरों में 1600 से अधिक जीविका दीदी सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। महिलाओं का यह समूह निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण झंडों का निर्माण कर संबंधित विभागों तक उनकी समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटा है। सिलाई केंद्रों में इस समय एक अलग ही उत्साह और उत्सव का माहौल देखने को मिल रहा है।

 

आर्थिक सशक्तीकरण का सशक्त माध्यम

जीविका से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर आर्डर मिलने से न केवल उन्हें रोजगार मिला है, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी खासी मजबूत हो रही है। उन्होंने समयबद्ध तरीके से उच्च गुणवत्ता वाले झंडे तैयार कर इस राष्ट्रीय अभियान को पूरी तरह सफल बनाने का संकल्प लिया है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम

जीविका के जिला सूचना प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए जा रहे इन तिरंगे झंडों ने जिले के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को एक नई गति दी है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए महिला उद्यमिता, आय सृजन और आर्थिक सशक्तीकरण का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि दीदियों की मेहनत और उनकी कार्य-कुशलता के कारण संस्थानों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में महिलाओं के लिए रोजगार के और भी नए अवसर पैदा होंगे।

 

 

By Manish