बिहार के मुजफ्फरपुर जंक्शन पर अकेली बैठी छात्रा को एक युवक ने नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उसे कोलकाता ले जाकर रेड लाइट एरिया में बेच दिया. पीड़िता के मुताबिक, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसका यौन शोषण किया गया.
करीब एक महीने बाद उसे भागलपुर के रेड लाइट एरिया में दोबारा बेच दिया गया. तीसरी जगह बेचने की तैयारी से पहले मुजफ्फरपुर पुलिस ने छापेमारी कर उसे सुरक्षित बरामद कर लिया. मामला गायघाट थाना क्षेत्र का है.
छात्रा 10 मई को भाई की डांट से नाराज होकर घर से निकल गई थी. दो दिन बाद उसके भाई ने थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई. शुरुआती जांच में एक युवक पर संदेह जताया गया था, लेकिन जांच के दौरान उसकी संलिप्तता सामने नहीं आई.
नौकरी का झांसा देकर कोलकाता ले गया युवक:
पुलिस के अनुसार, रेस्क्यू के बाद छात्रा ने बताया कि घर से निकलने के बाद वह मुजफ्फरपुर जंक्शन पर अकेली बैठकर रो रही थी. इसी दौरान एक युवक ने उससे बातचीत की और सहानुभूति जताते हुए कोलकाता में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया. छात्रा उसके साथ चली गई. आरोप है कि कोलकाता पहुंचने के बाद उसे रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया.
एक महीने बाद भागलपुर में बेचा:
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वहां विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई. उसने कई दिनों तक भूखा रखने और बेहोशी की दवा देकर यौन शोषण किए जाने का भी आरोप लगाया है. पुलिस के मुताबिक, करीब एक महीने बाद तस्करों ने छात्रा को भागलपुर जिले के इशीपुर बरहट थाना क्षेत्र के सिवानपुर स्थित रेड लाइट एरिया में दूसरी जगह बेच दिया. यहां भी उसके साथ कथित तौर पर मारपीट और शोषण किया गया.
तस्वीर और गुप्त सूचना से मिली लोकेशन:
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र के निर्देश पर छात्रा की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई थी. केस की जांच अधिकारी पूजा कुमारी लगातार अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर रही थीं. पुलिस ने छात्रा की तस्वीर मानव तस्करी से जुड़े संभावित ठिकानों तक पहुंचाई और गुप्त सूत्रों को भी सक्रिय किया.
दो दिन पहले पुलिस को सूचना मिली कि तस्वीर में दिख रही युवती भागलपुर के सिवानपुर रेड लाइट एरिया के एक मकान में कैद है. सूचना मिलते ही विशेष टीम भागलपुर पहुंची। इलाके की रेकी के बाद संदिग्ध मकान की पहचान की गई और पुलिस टीम ने छापेमारी शुरू की.
52 मिनट तक चला ऑपरेशन:
पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान मानव तस्करों ने टीम का विरोध किया. धक्का-मुक्की और हाथापाई के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई. इसी दौरान महिला जांच अधिकारी पूजा कुमारी को आत्मरक्षा में अपनी सर्विस पिस्टल निकालनी पड़ी. करीब 52 मिनट तक चले संघर्ष के बाद पुलिस टीम छात्रा को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही. इसी मकान में नालंदा की एक किशोरी भी मिली.
कोर्ट में दर्ज हुआ छात्रा का बयान:
रेस्क्यू के बाद दोनों लड़कियों को मुजफ्फरपुर लाया गया. बरामद छात्रा का न्यायालय में बयान दर्ज कराया गया. उसने अपनी बड़ी बहन के साथ रहने की इच्छा जताई है. इसके बाद उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है.