समस्तीपुर : बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन समस्तीपुर जिले में बड़ी संख्या में लाभार्थियों द्वारा ऋण की किस्तें समय पर जमा नहीं किए जाने से जिला उद्योग केंद्र की चिंता बढ़ गई है। बकाया राशि की वसूली के लिए विभाग ने अब सख्ती शुरू कर दी है। अब तक 350 लाभार्थियों को तीन-तीन बार नोटिस जारी किया जा चुका है, जबकि 150 से अधिक अन्य लाभार्थियों को भी नोटिस भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2018 से 2025 के बीच समस्तीपुर जिले के 1,789 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 10-10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। इस राशि में 5 लाख रुपये ऋण तथा 5 लाख रुपये अनुदान के रूप में शामिल हैं। योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना, नए उद्योग स्थापित करना और जिले में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 तक लाभान्वित करीब 1,150 लाभार्थियों की ऋण अदायगी की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 650 लाभार्थी नियमित रूप से मासिक ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि योजना का उन्हें लाभ मिल रहा है।
वहीं 500 लाभार्थी अब तक एक भी किस्त नियमित रूप से जमा नहीं कर सके हैं, जिससे ऋण वसूली प्रभावित हो रही है। महाप्रबंधक ने बताया कि लगातार चूक करने वाले 350 लाभार्थियों को तीन बार नोटिस जारी कर शीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा 150 से अधिक अन्य लाभार्थियों के विरुद्ध भी नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन ऋण की समय पर अदायगी भी लाभार्थियों की जिम्मेदारी है। यदि इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया तो नियमानुसार आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।